Publisher – Hindian Media
Date Published – May 01, 2025
Article Description: दिल्ली में एक सड़क का नाम बोडो नेता Upendranath Brahma के नाम पर रखा जाएगा। जानें कौन थे ये समाज सुधारक, जिन्होंने बोडो समुदाय के लिए शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
नमस्ते दोस्तों! क्या आपने सुना कि दिल्ली में जल्द ही एक सड़क का नाम बोडो समुदाय के महान नेता उपेंद्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर रखा जाएगा? यह खबर न केवल बोडो समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। आइए, जानते हैं कि उपेंद्रनाथ ब्रह्मा कौन थे और उन्होंने समाज के लिए क्या किया।
उपेंद्रनाथ ब्रह्मा: बोडो समुदाय का प्रेरणास्त्रोत
उपेंद्रनाथ ब्रह्मा का जन्म असम के कोकराझार जिले में हुआ था। वे एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने बोडो समुदाय के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उस समय बोडो लोग शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान से वंचित थे। उपेंद्रनाथ ने देखा कि उनके समुदाय के लोग गरीबी और अशिक्षा के कारण पीछे रह गए हैं। उन्होंने सोचा, अगर बोडो समुदाय को आगे बढ़ाना है, तो शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है।
उन्होंने न केवल खुद पढ़ाई की, बल्कि दूसरों को भी शिक्षित करने के लिए स्कूल और जागरूकता अभियान शुरू किए। उपेंद्रनाथ का मानना था कि शिक्षा से ही लोग अपने अधिकारों को समझ सकते हैं और समाज में बराबरी का स्थान पा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने बोडो संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए भी बहुत काम किया। उनकी वजह से बोडो भाषा को आज स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया जाता है।
दिल्ली में सड़क का नामकरण: एक सम्मान

दिल्ली में उपेंद्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर सड़क का नाम रखना उनके योगदान को सम्मान देने का एक शानदार तरीका है। यह निर्णय दिल्ली सरकार और बोडो समुदाय के संगठनों के सहयोग से लिया गया है। इस सड़क के साथ-साथ उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके काम से प्रेरित करेगी। यह कदम न केवल बोडो समुदाय के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो सामाजिक बदलाव के लिए लड़ते हैं।
इस सड़क का नामकरण हमें यह भी याद दिलाता है कि भारत एक विविधताओं वाला देश है, और हर समुदाय के योगदान को सम्मान देना हमारा कर्तव्य है। उपेंद्रनाथ जैसे नेताओं ने हमें दिखाया कि मेहनत और लगन से कोई भी समाज बदल सकता है।
उपेंद्रनाथ का प्रभाव और विरासत
उपेंद्रनाथ ब्रह्मा का प्रभाव आज भी असम और बोडो समुदाय में देखा जा सकता है। उनके द्वारा शुरू किए गए शिक्षा अभियान आज भी चल रहे हैं। कई स्कूल और कॉलेज उनके नाम पर हैं, जो बोडो युवाओं को शिक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा, उनकी प्रेरणा से बोडो समुदाय ने अपनी संस्कृति और पहचान को और मजबूत किया है।
उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि अगर हम अपने समुदाय के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमें पहले खुद को शिक्षित करना होगा। उपेंद्रनाथ ने हमें सिखाया कि बदलाव छोटे कदमों से शुरू होता है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है।
निष्कर्ष: उपेंद्रनाथ ब्रह्मा का नाम दिल्ली की सड़क पर देखना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। यह हमें याद दिलाता है कि समाज के लिए काम करने वाले लोग हमेशा याद किए जाते हैं। उनकी कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम भी अपने आसपास के लोगों की मदद करें और समाज को बेहतर बनाने में योगदान दें।
पाठकों के लिए सवाल:
- क्या आप उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जैसे किसी स्थानीय नेता के बारे में जानते हैं?
- आपके अनुसार, शिक्षा समाज को कैसे बदल सकती है?
- क्या आप दिल्ली की इस नई सड़क को देखने जाएंगे?
यह लेख आधारित है: News18 Hindi, प्रकाशित तिथि: 1 मई, 2025
लेख के टैग: Upendranath Brahma, Bodo Community, Delhi Road Naming, Education Reform





